पूर्वांचल विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रणाली व अनियमितता से त्रस्त है हज़ारों विद्यार्थी

समस्या का निदान न हुआ तो विश्वविद्यालय में होगा व्यापक आंदोलन-उद्देश्य सिंह

news aap tak

पूर्वांचल विश्वविद्यायल जो कि समय समय पर अपनी वाह वाही कर स्वयं अपनी पीठ थपथपाता रहता है वह महज एक छलावा सा है।
विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी परीक्षा के परिणामों में व्यापक अनियमितता नजर आ रही है जिससे हज़ारों छात्रों का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा है।

जल्दी बाज़ी में परीक्षा परिणाम तो घोषित कर दिए गए परन्तु कई छात्रों के अंकपत्र पर या तो अंक ही नही अंकित है या तो उसे डुप्लीकेट बताया जा रहा है।

कुछ छात्र-छात्राएं जो कि 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है वे एक विषय मे गलत मूल्यांकन के कारण असफल हो गए है जिनसे उनका वर्ष भर बर्बाद होने को है परन्तु कुलपति महोदय तो छात्रों को छोड़ सरकार की आवभगत में लगे हुए है।
किन्ही कारणों से यदि किसी छात्र की परीक्षा छूट गयी है या वह बढ़िया अंक पाने के बावजूद एक विषय में असफल हो गया है तो विश्वविद्यालय प्रसाशन के पास उसके एक वर्ष बेकार होने से बचाने के लिए कोई बेहतर विकल्प है नही।

टी०डी० कॉलेज के छात्रनेता उद्देश्य सिंह ने एक बैठक में कहा कि इस अन्यायपूर्ण कृत्य के खिलाफ व्यापक आंदोलन की आवश्यकता है जिससे हज़ारो विद्यार्थियों को पुनः मौका प्रदान किया जाए व परिणाम में सुधार लाया जा सके।

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